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क्यों होता है सिजोफ्रेनिया (Schizophrenia) और क्या है इसके लक्षण?

स्किझोफ्रेनिया में किसी भी साधारण व्यक्ति को भावनिक रूप से , वैचारिक रूप से और व्यावहारिक रूप से बदलाव आते है । तो जानते है की स्किझोफ्रेनिया क्या है और उसका इलाज कैसे किया जा सकता है ।

स्किझोफ्रेनिया के लक्षण

1. Delusions

जिसमें व्यक्ति काल्पनिक और वास्तविक बातों के बीच जो अंतर होता है उसे समझ नहीं पाता। तो किस तरह से होते है ये विचार ? सबसे सामन्यतौर पे पाया जाने वाला delusions ये है|

  • Delusions of Persecutions जिसमे patient को लगता है की कोई उसके खिलाफ है।
  • Delusions of Reference जिसमे patient किसी व्यक्ति के अनुभवहीन घटनाओं या मात्र संयोगों का अनुभव करने की घटना अपने से जोड़ लेता है।
  • Delusion जिसमे patient को लगता है की अपने साथी का किसी और के साथ संबंध है।
    तो इस तरीकेके Delusions patient में देखे जाते है।

2. Hallucinations 

Hallucinations में सबसे ज्यादा पाया जानेवाला Hallucination है Auditory Hallucination. इसमें patients को आवाजे सुनाई देती है जो वास्तविकता में नहीं होती है।

कुछ कुछ cases में visual Hallucination भी होते है , जिसमे patient को कोई भी चीज़े , व्यक्ति या कोई आकृतियाँ patient को दिखाई देती है।

  • कभी कभी patient को लगता है की अपने विचार अपने है ही नहीं।
  • Negative symptoms में patient जो सामन्यतौर पे पहले जो करता था अब वह कोई भी काम कर नहीं रहा है। इसमें सबसे पहले patient कोई भी meaningful काम करना बंद कर देता है याने कुछ काम नहीं करता। Patient को कोई भी चीज़ करके ख़ुशी नहीं मिलती।

ये सारे स्किझोफ्रेनिया के लक्षण होते है। अगर ऐसे लक्षण कोई भी व्यक्ति दिखाई दे तोह जल्द से जल्द उनको psychiatrist के पास लेके जाए और treatment शुरू करे।

स्किझोफ्रेनिया के कारण क्या है ?

देखाजाए तो 1% लोगोंमें स्किझोफ्रेनिया बीमारी होती है और उसमे दो महत्वपूर्ण कारण है|

1.Genetic Factor (अनुवांशिकता )

अगर patient के माता पिता, दोनों में स्किझोफ्रेनिया है तो बच्चे को स्किझोफ्रेनिया होने के सम्भावनाये 40% होती है। अगर माता या पिता मेसे किसी एक हो है तो बच्चे को स्किझोफ्रेनिया होने की संभावना 12% होती है।

2.Environmental Factor

जीवन के होनेवाले घटनाओ के कारण या तनाव के कारन हो सकता है।

3. कुछ patient में दिमाग के chemicals में imbalance हो जाता है जैसे serotinin और dopamine level बढ़ जानेके वजहसे ये बीमारी हो सकती है।

स्किझोफ्रेनिया का इलाज

  1. स्किझोफ्रेनिया में सबसे लाभदायी treatment है दवाइया।
  2. Patient को दवाइयों का असर होने में ६ हफ्ते लगते है। स्किझोफ्रेनिया का course लंबा चलता है शायद १-२ साल भी लग सकते है।
  3. थोड़े patients स्किझोफ्रेनिया को स्वीकार नहीं कर पाते उस वक्त डॉक्टर्स को counseling करनी पड़ती है क्युकी दवाइयों के साथ फॅमिली support होना भी बोहोत आवश्यक होता है इस बीमारी के लिए।

About Author

Dr. Nasli R Ichaporia

Dr. Vaishali Girme

Clinical Psychology
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